योजना का संक्षिप्त विवरण
नंदा गौरा योजना उत्तराखण्ड सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना वर्ष 2017 में शुरू की गई थी।
नंदा गौरा कन्याधन योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लाभ प्रदान किया जाता है: कन्या के जन्म पर (प्रथम चरण): योजना के तहत बालिकाओं के जन्म के पश्चात सरकार द्वारा 11,000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है ।
बालिका के इंटर (कक्षा-12) उत्तीर्ण करने पर (द्वितीय चरण): इंटर पास करने के बाद बालिकाओं को 51,000 रुपये की धनराशि दी जाती है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें ।
नंदा गौरा कन्याधन योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लाभ प्रदान किया जाता है: कन्या के जन्म पर (प्रथम चरण): योजना के तहत बालिकाओं के जन्म के पश्चात सरकार द्वारा 11,000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है ।
बालिका के इंटर (कक्षा-12) उत्तीर्ण करने पर (द्वितीय चरण): इंटर पास करने के बाद बालिकाओं को 51,000 रुपये की धनराशि दी जाती है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें ।
1. योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की बेटियों को जन्म से लेकर विवाह तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता करती है ताकि वे अपनी बेटियों की परवरिश, शिक्षा और विवाह से जुड़े आर्थिक बोझ को कम कर सकें। इसका लक्ष्य बेटियों को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
2. पात्रता
- नंदा गौरा योजना केवल उत्तराखंड राज्य की बालिकाओं के लिए मान्य है।
- इस योजना के अन्तर्गत एक परिवार में दो से अधिक लड़कियों (जीवित लड़कियों) को लाभ नहीं दिया जाएगा।
- योजना के प्रथम चरण हेतु बालिका के जन्म के 06 माह के अन्दर आवेदन करना अनिवार्य है।
- बालिका का जन्म सरकारी अस्पताल/निजी अस्पताल/एएनएम सेंटर में ही होना चाहिए। (अन्य राज्यों के सरकारी अस्पताल/निजी अस्पताल भी मान्य होंगे) इस आशय का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
- बालिका के जन्म प्रमाण पत्र के लिए संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
- प्रशिक्षित दाई द्वारा कराया गया प्रसव संस्थागत प्रसव नहीं माना जाएगा।
- प्रत्येक वित्तीय वर्ष में द्वितीय चरण के लाभ हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर निर्धारित की गई है। इस तिथि के पश्चात आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
- आवेदक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंक खाता सक्रिय है तथा आधार से जुडा हो।
- बालिका के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 72,000/- रूपये (मासिक 6,000/- रूपये) होनी चाहिए। तहसीलदार द्वारा जारी आय-संबंधी प्रमाण-पत्र ही मान्य होगा
- कन्या शिशु की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
- माता / पिता / अभिभावक के हस्ताक्षर
- स्थाई निवास प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर की नकल या सभासद/पार्षद द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड की प्रति
- संस्थागत प्रसव का प्रमाण पत्र
- जन्म पंजीकरण का प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- माता और पिता / अभिभावक का आधार कार्ड
- नगरीय / ग्रामीण स्थानीय निकाय द्वारा दिया गया गृह कर या किराया समझौते के कागजात ना उपलब्ध होने की स्तिथि में गृह कर ना देने का ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा प्रदत प्रमाण पत्र
- माता और पिता / अभिभावक का पैन कार्ड
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ती द्वारा प्रदत्त प्रमाण-पत्र।
- मातृशिशु प्रतिरक्षण / एम०सी० पी० (टीकाकरण) कार्ड
- परिवार के समस्त सदस्यों के बैंक पासबुक की प्रति एवं विगत 01 वर्ष के बैंक स्टेटमैन्ट की प्रति
- सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) में परिवार की स्थिति के आंकलन की प्रति (यदि उपलबध है)
- शासनादेशानुसार योजना का लाभ केवल 02 बालिकाओं हेतु ही अनुमन्य है इसलिए आवेदित बालिका के परिवार की अन्य बालिकाओं को पूर्व में कन्या के जन्म पर योजना का लाभ दिये जाने / न दिये जाने विषयक शपथ –पत्र में निम्न बिंदु शामिल होंगे :- मैं प्रमाणित करता/ करती हूँ की यह लाभ मेरी प्रथम/द्वितीय पुत्री द्वारा लिया जा रहा है मेरे द्वारा चल अचल सम्पति एवं अन्य चाही गयी,समस्त सूचनाएं सही –सही दी गयी है मेरे द्वारा किसी भी तथ्य को छुपाया नहीं गया है मेरे द्वारा परिवार के समस्त खातो का विवरण,एक वर्ष के बैंक स्टेटमेंट सहित दे दिया गया है अन्य आवश्यक अभिलेख:-
- परिवार के विगत 03 बार के बिजली के बिलों की प्रति तथा विगत 01 बार के पानी के बिल की प्रति कनेक्शन न होने की स्तिथि में शपथ पत्र में आवश्यक रूप से उल्लेख करे।
- कोई अन्य दस्तावेज़ की प्रतिलिपि (द्वितीय चरण हेतु - बालिका के 12वीं पास करने पर)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (बालिका के नाम पर)
- संबंधित तहसील के तहसीलदार द्वारा जारी अभिभावक का आय प्रमाण पत्र। (पिता के नाम पर)
- बालिका के कक्षा 10वीं और 12वीं का उत्तीर्ण प्रमाण पत्र।
- बालिका का जन्मतिथि का प्रमाण पत्र।
- परिवार रजिस्टर की नकल।
- राशन कार्ड (बालिका का नाम अंकित)
- आधार कार्ड (माता, पिता एवं बालिका)
- पैन कार्ड (माता, पिता एवं बालिका)
- स्वघोषित अविवाहित लाभार्थी प्रमाण पत्र।
- सामाजिक आर्थिक जनगणना में परिवार की स्थिति का विवरण
- शासनादेश योजना का लाभ 2 बालिकाओं हेतु अनुमन्य है इसलिए आवेदित परिवार की अन्य बालिकाओं को पूर्व में 12वीं होने पर योजना का लाभ दिये जाने/न दिये जाने विषयक शपथ पत्र।
- लाभार्थी बालिका के बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति।
- संबंधित आंगनवाडी कार्यकत्री द्वारा निर्धारित प्रमाण पत्र।📂
- स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा 12वीं उत्तीर्ण का निर्गत प्रमाण पत्र।📂
- उच्च शिक्षा में दाखिले के पूर्ण अभिलेखों की प्रति।
- बिजली व पानी के बिल की प्रति।
- बैंक स्टेटमेंट।
3. लाभ
इस योजना के अन्तर्गत बालिका के जन्म पर ₹11,000 एवं 12वीं पास करने पर ₹51,000 की धनराशि प्रदान की जाती है।
4. आवश्यक दस्तावेज़
-
(प्रथम चरण हेतु - बालिका के जन्म के समय)
कन्या शिशु के जन्म पर आवेदन के लाभ हेतु कन्या के जन्म के 6 माह के अन्दर आवेदन करना अनिवार्य है।
5. आवेदन कैसे करें
आप ऑनलाइन उत्तराखण्ड महिला समाज कल्याण एवं बाल विकास की वेबसाइट www.nandagaurauk.in के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा आप निकटतम CSC केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करें
इसके अलावा आप निकटतम CSC केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
6. ऑफलाइन फार्म डाउनलोड करें
ऑफलाइन आवेदन फार्म डाउनलोड करें
7. सरकारी आदेश (GO) / अधिसूचना PDF
सरकारी आदेश / PDF देखें
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🔔 महत्वपूर्ण सूचना: वर्ष 2025 में बारवी कक्षा उर्त्तीण छात्राओं के लिए नंदा गौरा योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन फार्म ऑंनलाईन पोर्टल के माध्मय से दिनांक 03 अगस्त 2025 से 30 नवम्बर 2025 तक स्वीकार किये जायेंगे। 🔥
